Kuber Yantra 6*6 inch Siddh Abhimantrit
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Description कुबेर यंत्र के लाभ (Benefits of Kuber Yantra): कुबेर यंत्र भगवान कुबेर (धन के देवता) का प्रतीक है और धन-संपत्ति, समृद्धि तथा आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं: ✅ 1. धन और समृद्धि में वृद्धि घर और व्यवसाय में धन की आवक बढ़ाने में सहायक। पैसों की कमी को दूर करने में मदद करता है। ✅ 2. आर्थिक स्थिरता अचानक होने वाले खर्चों को नियंत्रित करता है। आय के स्रोतों को स्थिर और मजबूत करता है। ✅ 3. व्यापार में उन्नति व्यापारियों के लिए यह यंत्र बेहद शुभ माना जाता है। नए अवसर और ग्राहक आकर्षित करता है। ✅ 4. नकारात्मक ऊर्जा का शमन घर और ऑफिस से नकारात्मक ऊर्जा हटाकर सकारात्मक ऊर्जा लाता है। पैसों से जुड़ी रुकावटें कम होती हैं। ✅ 5. ऋण मुक्ति में सहायक कर्ज़ से छुटकारा पाने में मदद करता है। धीरे-धीरे आर्थिक बोझ कम होता है। ✅ 6. घर में सुख-शांति पैसों की तंगी से होने वाले तनाव को कम करता है। परिवार में आर्थिक समृद्धि से शांति और खुशहाली आती है। सुझाव: कुबेर यंत्र को गुरुवार या शुभ मुहूर्त में स्थापित करें। इसे तिजोरी, कैश बॉक्स, पूजा स्थान या उत्तर दिशा में रखें। मंत्र: “ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः” (कम से कम 11 बार जपें)। ✅ कुबेर यंत्र स्थापना विधि (हिंदी में) कुबेर यंत्र को सही विधि से स्थापित करने से इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। नीचे स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया दी गई है: 1. सही दिन और समय चुनें स्थापना के लिए गुरुवार या अक्षय तृतीया, धनतेरस, दीपावली जैसे शुभ दिन चुनें। सुबह के समय (सूर्योदय के बाद) सबसे अच्छा रहता है। 2. आवश्यक सामग्री कुबेर यंत्र लाल या पीला कपड़ा गंगाजल या शुद्ध जल चंदन का लेप रोली (कुमकुम) अक्षत (चावल) पीले या लाल फूल अगरबत्ती, दीपक मिठाई या फल का भोग 3. यंत्र की शुद्धि कुबेर यंत्र को गंगाजल, फिर कच्चे दूध से धोकर साफ करें। इसे लाल या पीले कपड़े पर रखें। 4. सही स्थान पर रखें कुबेर यंत्र को पूजा स्थान, तिजोरी, कैश बॉक्स या उत्तर दिशा (North Direction) में रखें। ध्यान दें कि यंत्र की दिशा सही हो। 5. पूजन विधि यंत्र को चंदन, रोली, अक्षत, और फूल अर्पित करें। दीपक और अगरबत्ती जलाएं। मिठाई या फल का भोग लगाएं। 6. मंत्र जाप कुबेर मंत्र का 11, 21 या 108 बार जाप करें: “ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः” 7. नियम यंत्र को हमेशा साफ रखें। रोजाना या हर गुरुवार धूप-दीप दिखाएं। तिजोरी या पूजा घर में इसे उल्टा या गंदा न होने दें।
Yantra